
ज़िन्दगी के कुछ बिखरे हुए पन्नों को समेटकर
रोते हुए आईने में से छुपी हुई ख़ुशी को कुरेदकर
आज ख्वाइशों के पुल को फिर बाँधा है
जो पीछे छोड़ दिया वो बीते हुए कल का साया है !!
अरमानों से बुनी हुई चादर को ओढ़े
अश्वों की नदियों को पीछे छोड़े
आज फिर ये दिल नयी धुन गा रहा है
बावरा मन आज फिर सोए हुए अरमानों को जगा रहा है !!
भुजते हुए दिल के दीये में अब फिर एक लौ जलेगी
जो जीवन के इस अँधेरे से भरे हुए पल में रोशनी भरेगी
सोचता हूँ ये पल यहीं रुक जाए
ये मुस्कुराता हुआ सूरज यहीं थम जाए !!
रोते हुए आईने में से छुपी हुई ख़ुशी को कुरेदकर
आज ख्वाइशों के पुल को फिर बाँधा है
जो पीछे छोड़ दिया वो बीते हुए कल का साया है !!
अरमानों से बुनी हुई चादर को ओढ़े
अश्वों की नदियों को पीछे छोड़े
आज फिर ये दिल नयी धुन गा रहा है
बावरा मन आज फिर सोए हुए अरमानों को जगा रहा है !!
भुजते हुए दिल के दीये में अब फिर एक लौ जलेगी
जो जीवन के इस अँधेरे से भरे हुए पल में रोशनी भरेगी
सोचता हूँ ये पल यहीं रुक जाए
ये मुस्कुराता हुआ सूरज यहीं थम जाए !!
ज़िन्दगी कोई ऐसा गीत गुनगुनाए
मानो कोई प्यारी सी आह्ट दिल को छू जाए
और पास रहे तो बस वही गीली मिट्टी की खुशबू
और दिल में बसी हुई वो आरज़ू !!
सूरज की किरणों से पहले उठकर
रात की चांदनी से पहले बिखर कर
मैं उस खुशबू को खुद में समेटना चाहता हूँ
उस बचपन की यादों से भरे हुए आँगन में खेलना चाहता हूँ !!
रुत ये जिंदगानी की जैसे दीवानी सी हो जाए
ओस की बूंदों से लिखे हुए लब्ज मानो दिल को छू जाए
अब इन नए जज्बातों के रंगों से लिखनी है एक नयी कहानी
बेफिकर इन रास्तों से गुजर कर मंजिल है पानी !!
एक बार पापा की आँखों में ख़ुशी के आंसू झलकाना चाहता हूँ
एक बार फिर माँ की गोदी में सिर रखकर सोना चाहता हूँ
आज फिर मैं जीवन में हर रंग रौशनी के भरना चाहता हूँ
आज फिर एक बार मैं ज़िन्दगी जीना चाहता हूँ !!
मानो कोई प्यारी सी आह्ट दिल को छू जाए
और पास रहे तो बस वही गीली मिट्टी की खुशबू
और दिल में बसी हुई वो आरज़ू !!
सूरज की किरणों से पहले उठकर
रात की चांदनी से पहले बिखर कर
मैं उस खुशबू को खुद में समेटना चाहता हूँ
उस बचपन की यादों से भरे हुए आँगन में खेलना चाहता हूँ !!
रुत ये जिंदगानी की जैसे दीवानी सी हो जाए
ओस की बूंदों से लिखे हुए लब्ज मानो दिल को छू जाए
अब इन नए जज्बातों के रंगों से लिखनी है एक नयी कहानी
बेफिकर इन रास्तों से गुजर कर मंजिल है पानी !!
एक बार पापा की आँखों में ख़ुशी के आंसू झलकाना चाहता हूँ
एक बार फिर माँ की गोदी में सिर रखकर सोना चाहता हूँ
आज फिर मैं जीवन में हर रंग रौशनी के भरना चाहता हूँ
आज फिर एक बार मैं ज़िन्दगी जीना चाहता हूँ !!
0 Komentar